
असम में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। पवन खेड़ा के एक बयान ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिस पर हिमंता बिस्वा सरमा और कांग्रेस के बीच तीखी टकराव की स्थिति बन गई है।
पासपोर्ट विवाद से शुरू हुआ मामला
पवन खेड़ा ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के पास कथित रूप से तीन पासपोर्ट हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि भारतीय कानून के तहत एक व्यक्ति के पास एक से अधिक पासपोर्ट कैसे हो सकते हैं और इस मामले की जांच क्यों नहीं होनी चाहिए।
पुलिस की कार्रवाई से बढ़ा विवाद
इन आरोपों के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया। असम पुलिस दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के आवास पर पहुंची, हालांकि वे वहां मौजूद नहीं मिले। पुलिस ने घर से कुछ सामान जब्त किया है और कहा है कि जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, खेड़ा को जल्द ही पूछताछ के लिए पेश होना पड़ सकता है।
सीएम सरमा का सख्त जवाब
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “कोई भी व्यक्ति बेबुनियाद आरोप लगाकर बच नहीं सकता, कानून अपना काम करेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि पवन खेड़ा कार्रवाई से बचने की कोशिश कर रहे हैं और असम पुलिस किसी को भी ढूंढ निकालने में सक्षम है।
वहीं, कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है।
चुनावी माहौल में बढ़ता तनाव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल कानूनी मुद्दा नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है।
चुनाव पर पड़ सकता है असर
फिलहाल, यह विवाद असम की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में जांच और बयानबाजी के बीच यह देखना अहम होगा कि इसका चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ता है।













