
भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी पहली विस्तृत प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस ट्रेड डील को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह समझौता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि दो मजबूत लोकतांत्रिक देशों के बीच बढ़ते भरोसे का प्रतीक है।
अमित शाह ने कहा कि इस समझौते से भारत के छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूती मिलेगी और दोनों देशों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह ट्रेड डील सरकार की मजबूत और संतुलित कूटनीति का परिणाम है।
- उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के लिए पारस्परिक लाभ पर आधारित है।
- अमेरिका को भारत के विशाल बाजार और कुशल कार्यबल का फायदा मिलेगा, जबकि भारत को आधुनिक तकनीक और वैश्विक निवेश का रास्ता खुलेगा।
- शाह ने जोर देकर कहा कि यह समझौता समानता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के आधार पर किया गया है।
समझौते के तीन अहम आधार
अमित शाह ने बताया कि यह ट्रेड डील तीन प्रमुख क्षेत्रों में भारत के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।
- आर्थिक सुरक्षा: सप्लाई चेन मजबूत होगी और वैश्विक आर्थिक झटकों से भारत को सुरक्षा मिलेगी।
- रोजगार के अवसर: कपड़ा, हस्तशिल्प और इंजीनियरिंग सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा।
- तकनीकी सहयोग: सेमीकंडक्टर और रक्षा तकनीक में सहयोग से भारत की रणनीतिक क्षमता मजबूत होगी।
विपक्ष के सवालों पर सरकार का जवाब
विपक्ष द्वारा उठाई जा रही आशंकाओं पर अमित शाह ने साफ कहा कि सरकार ने किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों की पूरी तरह रक्षा की है।
- उन्होंने भरोसा दिलाया कि समझौते में पारदर्शिता बरती गई है।
- शाह ने कहा कि आज का भारत किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी शर्तों पर वैश्विक मंच पर फैसले करता है।
विकसित भारत 2047 की ओर एक और कदम
गृह मंत्री ने इस ट्रेड डील को ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने युवाओं और उद्यमियों से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर भारतीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाएं। उन्होंने कहा भारत-अमेरिका संबंध अब केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहे। हम भविष्य की चुनौतियों का सामना करने वाले सच्चे रणनीतिक साझेदार बन चुके हैं।













