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तीनों कृषि कानून रद्द, पर अब भी घर वापसी के लिए तैयार नहीं किसान नेता

किसान आंदोलन अभी नहीं, संसद में तीनों कानून रद्द करने बाद खत्म होगा- किसान नेता राकेश टिकैत

नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पिछले साल संसद में पास किए गए तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया। इन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर 26 नवंबर 2020 से ही लगातार किसान, किसान नेता और विपक्ष विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। फिलहाल केंद्र सरकार ने किसानों की कृषि कानून वापस लेने की मांगें मान ली। पीएम मोदी के कृषि कानूनों को रद्द करने के ऐलान के बाद ही किसान नेता अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है। कृषि कानूनों के रद्द होने के ऐलानों के बाद अब भी भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पिछले एक साल से किसानों के मसीहा का चोला ओढ़े किसान नेता राकेश टिकैत अब भी खुश नहीं हैै। राकेश टिकैत ने कहा कि अभी आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। इसका मतलब अब भी आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं जैसे रोड़ जाम और व्यापारियों को राहत नहीं मिलेगी।

मोदी सरकार के कृषि कानूनों रद्द करने पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि वे अभी आंदोलन खत्म नहीं करेंगें, वे तभी घर वापसी करेंगें, जब संसद में ये तीनों कानून रद्द किये जाएंगें। साथ ही राकेश टिकैत ने कहा कि उन्हें एमएसपी पर भी गांरटी कानून चाहिए। कृषि कानून रद्द होने के बाद भी किसानों का बॉर्डरों पर बैठे रहना, आम जनता और सरकार के लिए किसी मजाक से कम नहीं है। इसका मतलब आने वालों दिनों में भी आम जनता और खासकर व्यापारियों- दुकानदारों को राहत नहीं मिलेगी।

बता दें पिछले कई महीनों से आम जनता किसान आंदोलन के खत्म होने का इंतजार कर रही है। किसान आंदोलन के कारण खासकर सिंधु-टिकरी बॉर्डर और दिल्ली के चारों बॉर्डरों के आस-पास की दुकानदारों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। इस आंदोलन के कारण पंजाब के तो कई व्यापार ठप हो गए, अनगिनत कारीगर- मजदूरों की नौकरी चली गई। साथ ही दिल्ली-बॉर्डरों और यूपी-नोएडा के आस-पास के लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ा, पर अब क्योंकि किसान नेता घर जाने को तैयार नहीं है। इसका मतलब आगामी दिन भी लोगों, व्यापारियों, मजदूरों पर भारी रह सकते हैं।