
पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर तीखा टकराव देखने को मिला है। ममता बनर्जी ने सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए उनकी “चुप्पी” को लेकर गंभीर सवाल उठाए। मामला पाकिस्तान की ओर से कोलकाता को निशाना बनाने वाली कथित धमकी से जुड़ा है, जिसे लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है।
नदिया की रैली में तीखा हमला
नदिया जिले में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री चुनावी मंचों से तो बंगाल पर लगातार निशाना साधते हैं, लेकिन जब देश की सुरक्षा से जुड़ा इतना गंभीर मुद्दा सामने आता है, तो वे चुप क्यों हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि यदि प्रधानमंत्री देश के एक हिस्से की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
“पाकिस्तान की धमकी पर चुप क्यों?”
मुख्यमंत्री ने हाल ही में कूचबिहार में हुई प्रधानमंत्री की रैली का जिक्र करते हुए सवाल किया कि वहां पाकिस्तान की धमकी का मुद्दा क्यों नहीं उठाया गया। उन्होंने केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया को “उदासीनता” करार दिया और सख्त कार्रवाई की मांग की।
बंगाल की जनता को संदेश
ममता बनर्जी ने साफ कहा कि बंगाल की जनता किसी भी विदेशी ताकत की धमकी से डरने वाली नहीं है। उन्होंने इसे सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का गंभीर मुद्दा बताया और केंद्र सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने को कहा।
यह पूरा विवाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान के बाद शुरू हुआ। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि भारत की किसी भी सैन्य कार्रवाई के जवाब में पाकिस्तान कोलकाता जैसे बड़े शहर को निशाना बनाने की क्षमता रखता है। इस बयान के बाद भारत में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है, और आने वाले समय में यह मुद्दा चुनावी बहस का बड़ा केंद्र बन सकता है।













