
यह सिर्फ़ एक परंपरा नहीं, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक और व्यावहारिक कारण भी छिपे हैं।
सोना और चांदी दिखने में भले ही मज़बूत लगें, लेकिन वास्तव में ये highly sensitive metals होते हैं। जैसे ही ये हवा (air) और नमी (moisture) के संपर्क में आते हैं, इनकी सतह की चमक धीरे-धीरे प्रभावित होने लगती है।
खासतौर पर चांदी में ऑक्सीडेशन (oxidation) की प्रक्रिया तेज़ी से होती है, जिससे समय के साथ कालेपन की परत जमने लगती है।
गुलाबी कागज़ क्यों होता है सुरक्षित?
गुलाबी कागज़ (Pink Paper) में आमतौर पर sulphur, acid और bleach जैसे रसायन नहीं होते। यही वजह है कि यह गहनों के संपर्क में आने पर कोई chemical reaction नहीं करता।
इसके विपरीत, कई white paper या printed paper में मौजूद केमिकल्स लंबे समय में सोने-चांदी की सतह को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
चमक और सुरक्षा – दोनों में मददगार
Pink paper की एक और खासियत यह है कि यह light reflection को कम करता है। इससे गहनों पर micro scratches और surface damage का खतरा घट जाता है।
साथ ही गुलाबी रंग, सोने की प्राकृतिक पीली चमक को और निखार देता है। जब गहना इस कागज़ में रखा होता है, तो वह ज्यादा ब्राइट, प्रीमियम और महंगा दिखाई देता है।
मनोवैज्ञानिक असर भी है वजह
ज्वेलरी विशेषज्ञों के मुताबिक, गुलाबी बैकग्राउंड पर सोना देखने से ग्राहक को वही गहना ज्यादा आकर्षक लगता है। यही कारण है कि ग्राहक को गहना देखते ही एक positive और luxurious feel आती है।
यही वजह है कि सालों से सुनार गुलाबी कागज़ का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। अब बताइए, क्या आपने कभी इस छोटे-से लेकिन महत्वपूर्ण detail पर ध्यान दिया था?













