
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी सप्ताह असम के दौरे पर रहेंगे, जहां वे गुवाहाटी एयरपोर्ट के अत्याधुनिक नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही वे ₹10,601 करोड़ की लागत से बनने वाली विशाल यूरिया खाद फैक्ट्री की आधारशिला रखेंगे। इन दोनों परियोजनाओं को पूर्वोत्तर भारत के बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, गुवाहाटी एयरपोर्ट का नया टर्मिनल अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। यह पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल डिजाइन और स्मार्ट तकनीकी समाधानों से सुसज्जित है। नया टर्मिनल प्रतिवर्ष लगभग एक करोड़ यात्रियों की आवाजाही संभालने में सक्षम होगा, जिससे पूर्वोत्तर राज्यों के बीच हवाई संपर्क को मजबूती मिलेगी और पर्यटन को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे में अपने “उत्तर-पूर्व को नई औद्योगिक शक्ति बनाने” के विजन को भी आगे बढ़ाएंगे। इसी क्रम में वे असम के नगांव जिले में ₹10,601 करोड़ की लागत वाली यूरिया खाद फैक्ट्री की आधारशिला रखेंगे। यह प्लांट आत्मनिर्भर भारत के तहत खाद उत्पादन को स्थानीय स्तर पर बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
रासायनिक और उर्वरक मंत्रालय के मुताबिक, इस परियोजना से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। प्लांट प्राकृतिक गैस आधारित होगा, जिससे ऊर्जा दक्षता और प्रदूषण नियंत्रण दोनों सुनिश्चित होंगे। इसके शुरू होने से न केवल असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर के किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगा।
प्रधानमंत्री मोदी अपने इस दौरे में अन्य विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे और पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर क्षेत्रीय सहयोग को और सुदृढ़ करने पर चर्चा करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट और खाद फैक्ट्री जैसी परियोजनाएं पूर्वोत्तर भारत में रोजगार, निवेश और औद्योगिक संतुलन की नई संभावनाएं खोलेंगी तथा क्षेत्र को आधुनिक बुनियादी ढांचे से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगी।













