स्टडी का दावा: ड्रग्स की तरह दिमाग पर असर डालता है रिलेशनशिप

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ये तो हम सभी जानते है कि प्यार का रिश्ता बहुत ही खूबसूरत होता है। जिंदगी में खुश रहने के लिए एक रिश्ते का साथ होना जरुरी होता है। जिससें हम अपने सुख और दुख दोनो के बारे में बात कर सके। ऐसे करन से हमेे उस इंसान की आदत हो जाती है। जो एक नशीली चीज के जैसे दिल और दिमाग पर  असर डालती है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि किसी के साथ रिलेशनशिप में होने से दिमाग पर ठीक उसी प्रकार असर होता है…  जैसा ड्रग्स लेने के बाद होता है, क्योंकि कपल को एक दूसरे की आदत हो जाती है। फिर एक दूसरे से अलग होने पर दर्द का एहसास होता है। वैसे तो रिलेशनशिप की शुरुआत प्यार भरी होती है।

वैसे तो रिलेशनशिप की शुरुआत प्यार भरी होती है। पार्टनर के ख्याल से ही अक्सर लोगों के चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान आ जाती है और पार्टनर को देखते ही दिल की धड़कन बढ़ने लगती है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि किसी के साथ रिलेशनशिप में होने वाली रोमांटिक फीलिंग दिमाग के उसी हिस्से पर असर डालती है, जिस पर ड्रग्स जैसे कोकीन और ओपीयम का सबसे ज्यादा प्रभाव होता है। इस बात की पुष्टि एक स्टडी की रिपोर्ट में की गई है।

“स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी” के शोधकर्ताओं ने इस स्टडी में 15 लोगों को शामिल किया, जिसमें 8 लड़कियां और 7 लड़के को शामिल किया। शोधकर्ताओं ने इन सभी 15 लोगों को उनके पार्टनर का फोटो दिखाते हुए, उनके हाथ पर हल्के से दर्द का एहसास कराया। इसके साथ ही स्टडी में शामिल सभी लोगों के दिमाग की ‘फंक्शनल मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग मशीन’ द्वारा जांच की गई। इसके साथ ही सभी से उनकी हथेली में दर्द के बारे में पूछा गया।

शोधकर्ताओं ने नतीजों मे पाया कि पार्टनर की फोटो देखने के बाद लोगों पर पेनकिलर खाने जितना ही असर हुआ। इसके अलावा नतीजों में यह भी सामने आया कि इससे दिमाग के उसी हिस्से पर असर पड़ा, जिस पर ड्रग्स लेने के बाद होता है। शोधकर्ताओं ने ये भी बताया कि पार्टनर का फोटो देखने से लोगों को तेज दर्द का एहसास 12 फीसदी  तक कम हुआ। वहीं, हल्के दर्द का एहसास 45 फीसदी कम हुआ।

शोधकर्ताओं ने इसको गहराई से समझने के लिए कई दूसरी एक्टिविटीज कर के देखने की कोशिश की। इसके लिए शोधकर्ताओं ने स्टडी में शामिल लोगों को सिंपल मैथमेटिकल प्रोब्लम देकर उनका ध्यान हटाकर दर्द के एहसास को कम करने की कोशिश की।  नतीजों में देखा गया कि ध्यान हटाने से लोगों को दर्द का एहसास तो कम हुआ, लेकिन इसका असर लोगों पर अलग तरीके से हुआ।