
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में घुसपैठ के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में भाजपा सरकार ने इस पर काफी हद तक रोक लगाई है, लेकिन यह अभी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हर अवैध अप्रवासी को उसके देश वापस भेजा जाएगा।
असम के सोनितपुर जिले के ढेकियाजुली विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कई राज्यों में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह विरोध घुसपैठियों को बचाने के लिए किया जा रहा है।
कांग्रेस पर तीखा हमला
अमित शाह ने गौरव गोगोई पर भी निशाना साधते हुए कहा कि असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में देश की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लिया और पाकिस्तान से आए आतंकवादियों को बढ़ावा मिला।
शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति अपनाई है और देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
‘घुसपैठिया-मुक्त असम’ का संकल्प
गृह मंत्री ने लोगों से आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा को समर्थन देने की अपील की, ताकि हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में राज्य में एक बार फिर सरकार बन सके। उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य असम को पूरी तरह घुसपैठिया-मुक्त बनाना है, जिससे राज्य में स्थायी शांति और विकास सुनिश्चित हो सके।
तीसरी बार सरकार बनने का दावा
रैली में देरी से पहुंचने पर माफी मांगते हुए अमित शाह ने कहा कि खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर समय पर उड़ान नहीं भर सका। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को उन्होंने भाजपा के प्रति जनता के विश्वास का प्रतीक बताया।
उन्होंने दावा किया कि आज की भारी भीड़ इस बात का संकेत है कि असम में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है।













