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Thursday, January 22, 2026
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9 अगस्त को मनाया जाएगा भाई-बहन के प्रेम का पर्व, जानिए शुभ मुहूर्त, भद्रा काल और धार्मिक महत्व

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हिंदू धर्म में रक्षाबंधन का विशेष महत्व है। यह पावन पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, समर्पण और विश्वास का प्रतीक है। रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधती हैं और उसकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। बदले में भाई अपनी बहन को रक्षा और सहयोग का वचन देता है।

इस साल कब है रक्षाबंधन?

पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन 2025 में 9 अगस्त (शनिवार) को मनाया जाएगा। श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को दोपहर 2:12 बजे शुरू होकर 9 अगस्त को दोपहर 1:21 बजे तक रहेगी। चूंकि पर्व उदया तिथि को मनाया जाता है, इसलिए राखी 9 अगस्त को ही बांधी जाएगी।

इस साल नहीं है भद्रा का साया?

रक्षाबंधन पर सबसे बड़ी चिंता होती है कि भद्रा काल का साया तो नहीं है, क्योंकि इस दौरान राखी बांधना अशुभ माना जाता है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि इस वर्ष भद्रा काल 8 अगस्त को दोपहर 2:12 बजे से 9 अगस्त की सुबह 1:52 बजे तक रहेगा। यानि 9 अगस्त की सुबह के बाद भद्रा समाप्त हो जाएगी, और राखी बांधने के लिए पूरा दिन शुभ रहेगा।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

9 अगस्त की सुबह 5:35 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक राखी बांधना अत्यंत शुभ रहेगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त भी दोपहर 12:00 से 12:53 बजे तक रहेगा, जो विशेष रूप से शुभ माना गया है।

राखी कब हटाएं?

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, राखी को 24 घंटे बाद उतारा जा सकता है। इसके अलावा, कुछ भाई इसे जन्माष्टमी तक बांधकर रखते हैं या तब तक जब तक वह स्वतः उतर न जाए।

धार्मिक महत्व

पौराणिक कथाओं में भी रक्षाबंधन का वर्णन मिलता है। देवी-देवताओं ने भी इस परंपरा को निभाया है। यही कारण है कि यह पर्व केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं, बल्कि संरक्षण और समर्पण के व्यापक संदेश को भी दर्शाता है।

इस साल रक्षाबंधन पूरे शुभ संयोगों के साथ आ रहा है। ना भद्रा की बाधा, और ना किसी अन्य अशुभ योग की चिंता। बहनें पूरे श्रद्धा और प्रेम से अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकती हैं, और यह पर्व फिर एक बार उस रिश्ते को नया संबल देगा जो हमेशा खास रहा है।