
केंद्र सरकार के प्रस्तावित महिला आरक्षण कानून को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। इस मुद्दे पर साझा रणनीति बनाने के लिए विपक्षी दल 15 अप्रैल को अहम बैठक करने जा रहे हैं। शुक्रवार को हुई Congress Working Committee की बैठक में 16 से 18 अप्रैल तक चलने वाले संसद के विशेष सत्र को लेकर रणनीति तैयार की गई। विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वह सरकार के प्रस्ताव के खिलाफ सदन में कई संशोधन पेश कर सकता है।
जनगणना और परिसीमन पर विवाद
विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़ने का विरोध किया है। उनका कहना है कि इससे कानून लागू होने में अनावश्यक देरी होगी। विपक्ष की मांग है कि आरक्षण को तुरंत लागू किया जाए और इसे जटिल प्रक्रियाओं से अलग रखा जाए। साथ ही, ओबीसी वर्ग के लिए अलग कोटे की मांग भी उठाई गई है।
संसद सत्र की टाइमिंग पर सवाल
कांग्रेस और अन्य दलों ने संसद के विशेष सत्र की तारीखों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि चुनावी राज्यों में प्रचार के दौरान सत्र बुलाना एक रणनीतिक कदम है, जिससे विपक्ष को नुकसान पहुंचाया जा सके।
15 अप्रैल को बनेगी संयुक्त रणनीति
15 अप्रैल को होने वाली बैठक में विपक्षी गठबंधन के प्रमुख दल शामिल होंगे। इस दौरान एक साझा रुख तैयार किया जाएगा और संसद में संयुक्त संशोधन लाने की योजना बनाई जाएगी। विपक्ष का कहना है कि वह महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन सरकार की शर्तों और देरी की नीति का विरोध करता रहेगा। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर चुनावी मैदान तक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।













