17.6 C
New York
Wednesday, February 4, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Home news PM नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज में आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में कहा,...

PM नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज में आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में कहा, मातृशक्ति की प्रतीक माँ गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम की धरती रही

17

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज में आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मेलन कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ जी जमकर तारीफ की इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी को प्रणाम किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज में आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में 16 लाख महिलाओं को 1,000 करोड़ रुपये की राशि बैंक खाते में ट्रांसफर किया। साथ ही उन्होंने 202 टेक होम राशन प्लांट का भी शिलान्यास किया. इसके बाद पीएम मोदी ने जनसभा को भी संबोधित किया.

पीएम मोदी ने कहा माताओं-बहनों, मातृशक्ति की प्रतीक माँ गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम की धरती रही,

प्रयागराज हजारों सालों से हमारी मातृशक्ति की प्रतीक माँ गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम की धरती रही है। आज ये तीर्थ नगरी नारी-शक्ति के इतने अद्भुत संगम की भी साक्षी बनी है। ये हम सभी का सौभाग्य है कि आप सभी हमें अपना स्नेह देने, अपना आशीर्वाद देने आई हैं। माताओं-बहनों, मैं यहां मंच पर आने से पहले मैंने बैंकिंग सखियों से, स्वयं सहायता समूह से जुड़ी बहनों से और कन्या सुमंगला योजना की लाभार्थी बेटियों से बात की। ऐसे-ऐसे भाव, ऐसी-ऐसी आत्मविश्वास से भरी बातें ! माताओं बहनों, हमारे यहाँ एक कहावत है- “प्रत्यक्षे किम् प्रमाणम्”।

यानी, जो प्रत्यक्ष है, जो सामने है, उसे साबित करने के लिए कोई प्रमाण की जरूरत नहीं पड़ती। यूपी में विकास के लिए, महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए जो काम हुआ है, वो पूरा देश देख रहा है। अभी यहाँ मुझे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की एक लाख से ज्यादा लाभार्थी बेटियों के खातों में करोड़ों रुपए ट्रान्सफर करने का सौभाग्य मिला। ये योजना गाँव-गरीब के लिए, बेटियों के लिए भरोसे का बहुत बड़ा माध्यम बन रही है। यूपी ने बैंक सखी का भी जो अभियान शुरू किया है, वो महिलाओं को रोजगार के अवसरों के साथ ही उनके जीवन में भी बड़े बदलाव ला रहा है। सरकार से अलग अलग योजनाओं का जो पैसा सीधे डायरेक्ट बैनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए खाते में आता है, ये पैसा निकालने अब बैंक नहीं जाना पड़ता। बैंक सखी की मदद से ये पैसा गाँव में, घर पर ही मिल जाया करता है। यानी, बैंक सखी बैंक को गाँव तक लेकर आ गई हैं। और जो लोग सोच रहे होंगे कि ये तो छोटा सा काम है, उन्हें मैं ये भी बताना चाहता हूं कि बैंक सखियों का काम कितना बड़ा है। यूपी सरकार ने इन बैंक सखियों के ऊपर ऐसे करीब 75 हजार करोड़ के लेन-देन की ज़िम्मेदारी सौंपी है। 75 हजार करोड़ रुपये का कारोबार यह गाँव में रहने वाली मेरी बहने मेरी बेटियाँ कर रही हैं। जितना लेन-देन गाँव में होगा, उतनी ही उनकी आमदनी भी होगी। इनमें से ज़्यादातर बैंक सखियाँ वो बहनें हैं, कुछ साल पहले तक जिनके खुद के बैंक खाते भी नहीं थे। लेकिन आज इन महिलाओं के हाथों में बैंकिंग की, डिजिटल बैंकिंग की ताकत आ गई है। इसलिए, देश देख रहा है कि यूपी में कैसे काम हो रहा है। और तभी तो मैं कहता हूँ, “प्रत्यक्षे किम् प्रमाणम्”॥