
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूती से रखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब केवल एक विकासशील देश नहीं रहा, बल्कि आज वह विकासशील और गरीब देशों यानी ग्लोबल साउथ की सशक्त और भरोसेमंद आवाज बन चुका है।
ग्लोबल साउथ में भारत की मजबूत भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले भारत को दुनिया केवल एक बड़े बाजार के रूप में देखती थी, लेकिन अब भारत उन देशों का नेतृत्व कर रहा है जो वर्षों तक वैश्विक मंचों पर अपनी बात रखने से वंचित रहे। उन्होंने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता समेत विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत ने यह साबित किया है कि वह केवल अपने हितों के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया, खासकर विकासशील देशों की प्रगति के लिए काम कर रहा है।
आर्थिक कूटनीति की बड़ी सफलता: 9 ट्रेड डील्स
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि हाल के वर्षों में भारत ने दुनिया के अलग-अलग देशों के साथ 9 बड़े व्यापारिक समझौते किए हैं। उन्होंने इसे देश के इतिहास की बड़ी उपलब्धि बताया। पीएम ने कहा कि इन समझौतों से भारतीय किसानों, छोटे कारोबारियों और निर्यातकों को नए अंतरराष्ट्रीय बाजार मिले हैं। साथ ही निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ को वैश्विक पहचान मिली है।
विपक्ष पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान विपक्ष की टोका-टाकी पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाया। पीएम ने कहा कि जब पूरा विश्व भारत की प्रगति की सराहना कर रहा है, तब देश के भीतर कुछ लोग नकारात्मक राजनीति में लगे हुए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिनके पास कभी कोई स्पष्ट विजन नहीं था, वे आज देश की उपलब्धियों पर सवाल उठा रहे हैं।
2047 की दिशा में आत्मविश्वास
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब नियम मानने वाला नहीं, बल्कि नियम बनाने वाला देश बन रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि मजबूत विदेश नीति और सफल व्यापारिक समझौतों के दम पर भारत आने वाले समय में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। पीएम ने कहा कि भारत आज वैश्विक समस्याओं का समाधान देने वाला देश बन चुका है और ग्लोबल साउथ की आवाज बनकर मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।













