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Thursday, January 15, 2026
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पहलगाम आतंकी हमले पर NIA की बड़ी कार्रवाई, सीन रीक्रिएशन से लेकर पर्यटकों तक की हो रही पूछताछ

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी जांच का दायरा और तेज़ कर दिया है। हमले के बाद NIA की टीम मौका-ए-वारदात पर पहुंचकर सीन रीक्रिएशन कर रही है, ताकि हमले के घटनाक्रम की गहराई से पड़ताल की जा सके।

सीन रीक्रिएशन जारी, स्थानीयों से हो रही पूछताछ

NIA की यह रणनीति क्राइम सीन को फिर से जीवंत कर हमले की बारीकियों को समझने के लिए अपनाई जा रही है। जांच एजेंसी द्वारा यह प्रक्रिया अगले कुछ दिनों तक लगातार जारी रहने की संभावना है। जिपलाइन साइट समेत आतंकी घटना से जुड़े स्थानों पर काम करने वाले स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित सुराग को खोया न जाए।

पर्यटकों से भी पूछताछ की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, गुजराती पर्यटक ऋषि भट्ट समेत उन लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है जिनके मोबाइल फुटेज में आतंकी गतिविधियां कैद हुई हैं। वीडियो फुटेज को जांच एजेंसी टेक्निकल एविडेंस के तौर पर आधार बना रही है और हमले से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है।

इस बीच, सुरक्षा एजेंसियों के हवाले से खबर है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकियों के लॉन्च पैड्स खाली कराए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान आर्मी ने आतंकियों को आर्मी शेल्टर और बंकरों में जाने का निर्देश दिया है। भारतीय एजेंसियों ने जिन लॉन्च पैड्स की पहचान की है उनमें किल सर्दी, दुदनियाल, अतमुखम, झुरा, लिपा, पोटली मंधार, निकल चमन कोट और जान कोट शामिल हैं। यह गतिविधियां भारत की संभावित जवाबी कार्रवाई के डर से हो रही हैं।

फारूक अब्दुल्ला का तीखा बयान

इस हमले को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा, “हमारा पड़ोसी आज भी नहीं समझता कि उसने इंसानियत का कत्ल किया है। अब उनसे कैसे बात करें?” उन्होंने मारे गए निर्दोष लोगों का ज़िक्र करते हुए सवाल उठाया कि उनके परिवारवालों को क्या जवाब दिया जाएगा। अब्दुल्ला ने कहा कि भारत ने 1947 में पाकिस्तान के साथ जाना स्वीकार नहीं किया था और आज भी ‘टू-नेशन थ्योरी’ को नहीं मानता। भारत ऐसी घटनाओं से कमजोर नहीं, और मजबूत होता है। अब देश की जनता चाहती है कि सरकार ऐसा एक्शन ले कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

NIA की जांच इस बार केवल दस्तावेजी न होकर, तकनीकी और जमीनी स्तर पर बेहद गंभीर दिखाई दे रही है। PoK की हलचल और भारत की सतर्कता आने वाले समय में एक बड़े घटनाक्रम का संकेत भी हो सकती है।