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Sunday, January 18, 2026
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नाटो महासचिव और ट्रंप की मुलाकात, यूक्रेन सहायता और रूस-नीति पर होगा चर्चा

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इस सप्ताह नाटो महासचिव मार्क रुत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने की तैयारी में हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब ट्रंप प्रशासन रूस के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और यूक्रेन को मिल रही सैन्य सहायता को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

माना जा रहा है कि यह मुलाकात मंगलवार को संपन्न होगी। बैठक में नाटो सहयोगियों को अमेरिका से हथियार खरीदने की सुविधा देने संबंधी योजना को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इन हथियारों के यूक्रेन को भेजे जाने से रूस-यूक्रेन संघर्ष में तनाव में और इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है।

यूक्रेन को बढ़ती सैन्य सहायता

ट्रंप के सहयोगी और रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने बताया है कि आने वाले दिनों में यूक्रेन की रक्षा हेतु रिकॉर्ड स्तर पर हथियारों की आपूर्ति देखी जा सकती है। साथ ही, यह भी खुलासा हुआ है कि युद्ध के प्रारंभ में रूस द्वारा जब्त की गई 300 अरब डॉलर की संपत्ति का उपयोग अब यूक्रेन सहायता के लिए किया जाएगा। इस पहल से यूक्रेन को मजबूती प्रदान करने का प्रयास साफ झलकता है।

रूस के तेल पर संभावित टैरिफ

ट्रंप प्रशासन द्वारा पेश किया गया एक महत्वपूर्ण विधेयक यह प्रावधान करता है कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जा सकता है। अगर यह प्रस्ताव मंज़ूर हो जाता है, तो इसका न केवल रूस बल्कि चीन, भारत, और ब्राजील जैसे अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं पर भी गहरा प्रभाव पड़ सकता है। इस कदम से रूस के आर्थिक संसाधनों को सीधे निशाना बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

पहले से लगे प्रतिबंधों के सन्दर्भ में नई रणनीति

अमेरिका पहले ही रूस पर वित्तीय, ऊर्जा, परिवहन, रक्षा, और तकनीकी क्षेत्रों में कई कड़े प्रतिबंध लगा चुका है। अब नए प्रस्ताव के तहत रूस के तेल निर्यात पर भी व्यापक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, जिससे रूस की आर्थिक गतिशीलता पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

ध्यान देने योग्य है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले चुनाव प्रचार के दौरान रूस-यूक्रेन संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने का वादा किया था और यूक्रेन सहायता को करदाताओं की बेकार खर्ची कहा था। लेकिन अब उनके नीति में स्पष्ट बदलाव देखा जा रहा है, जो यूक्रेन को मिल रही सहायता और रूस के खिलाफ कठोर प्रतिबंधों के इरादे से परिलक्षित होता है।