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Wednesday, January 21, 2026
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उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता के तहत विवाहित कार्मिकों के लिए विवाह पंजीकरण अनिवार्य

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देश के सभी विवाहित कार्मिकों को अनिवार्य रूप से समान नागरिक संहिता पोर्टल के अंतर्गत पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। शासन ने इस संबंध में सभी विभागों को आदेश जारी कर दिए हैं। कहा गया है कि समान नागरिक संहिता के लिए जिले के नोडल अधिकारी अपने जिले में कार्यरत सभी विवाहित कार्मिकों का विवाह पंजीकरण सुनिश्चित कराएंगे। प्रत्येक जिले से इसकी नियमित आख्या सचिव गृह को भी भेजी जाएगी।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू हो चुकी है। इसमें विवाह का पंजीकरण एवं पंजीकृत विवाह की अभिस्वीकृति के संबंध में प्रविधान किए गए हैं। इस नियमावली का विस्तार संपूर्ण उत्तराखंड राज्य में है।

ऐसे में सभी विवाहित कार्मिक नियमावली में उल्लिखित प्रविधान के अनुसार अपने विवाह का पंजीकरण कराएंगे। मुख्य सचिव ने कहा है कि प्रत्येक विभाग में संबंधित अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव व सचिव द्वारा एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए, जो अपने विभाग में कार्यरत कार्मिकों का पंजीकरण स्वीकृत कराएंगे। सभी जिलाधिकारी व विभागाध्यक्ष यह सुनिश्चित करेंगे कि यह कार्य समयबद्ध रूप से पूरा हो और इसकी साप्ताहिक रिपोर्ट सचिव गृह को भेजी जाएगी। समान नागरिक संहिता के अंतर्गत निर्बाध पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए निदेशक आइटीडीए को सभी जिलों और विभागों को आवश्यक तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है। किसी जिले या विभाग में तकनीकी सहयोग की आवश्यकता होगी तो वे निदेशक आइटीडीए से तत्काल समन्वय स्थापित करेंगे।

कार्मिकों को एटीआइ में दिया जाएगा संहिता का प्रशिक्षण

प्रदेश में समान नागरिक संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी कार्मिकों को एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एटीआइ) में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए मुख्य सचिव ने एटीआइ, नैनीताल के महानिदेशक को पत्र लिखकर राजकीय कार्मिकों को संहिता के प्रविधान का प्रशिक्षण देने के लिए नियमित पाठ्यक्रम संचालित कराने को कहा है।
पत्र में कहा गया है कि उत्तराखंड सरकार द्वारा लागू समान नागरिक संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए यह आवश्यक है कि सभी राजकीय कार्मिकों को संहिता के विभिन्न प्रविधान, प्रक्रिया और उनकी जिम्मेदारियों के बारे में समुचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने इसके लिए एक व्यापक प्रशिक्षण माड््यूल तैयार करने को कहा है। उन्होंने महानिदेशक एटीआइ से जिला स्तर पर भी समान नागरिक संहिता से संबंधित प्रशिक्षण सत्र आयोजित कराने को कहा है।

सचिवालय में समान नागरिक संहिता के अंतर्गत कर्मचारियों का विवाह पंजीकरण कराने के लिए कैंप लगाया जाएगा। निदेशक आइटीडीए निकिता खंडेलवाल ने सचिव सचिवालय प्रशासन को पत्र लिखकर कैंप के लिए व्यवस्था सुनिश्चत कराने का अनुरोध किया है।