
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए घोषणा की है कि ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए देशभर में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों छात्रों की मेहनत, विश्वास और भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा हैं।
उन्होंने बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए पेपर लीक से जुड़े मामलों की समयबद्ध सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वर्षों तक मुकदमे लंबित न रहें और दोषियों को जल्द सजा मिल सके। सरकार का लक्ष्य परीक्षा प्रणाली में छात्रों और अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत करना है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। राज्यों, परीक्षा एजेंसियों और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर ऐसी व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
हाल के समय में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है। इसी बीच सरकार के फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने के फैसले को परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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