
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ने मंगलवार को बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया, जब अमेरिका और इस्राइल ने मिलकर ईरान पर हमलों का नया और तीव्र चरण शुरू किया। ताजा हवाई हमलों में उत्तरी ईरान के अल्बोर्ज प्रांत में भारी तबाही हुई है, जहाँ कम से कम 18 लोगों की मौत और 24 के घायल होने की पुष्टि हुई है। मृतकों में दो बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।
रिहायशी इलाकों पर हमला, बढ़ी चिंता
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अल्बोर्ज के साथ-साथ तेहरान के पास स्थित परदिस शहर में भी रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया गया। यहां एक इमारत पर हुए हमले में 6 लोगों की मौत हुई, जिनमें तीन बच्चे शामिल थे। Iranian Red Crescent Society ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे युद्ध अपराध करार दिया है। संगठन का कहना है कि अब तक कम से कम 17 रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया है, जिससे नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
रणनीतिक ठिकानों पर भी प्रहार
हमलों का दायरा सिर्फ रिहायशी इलाकों तक सीमित नहीं रहा। पश्चिमी ईरान के खोर्रमाबाद एयरपोर्ट और तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर भी भीषण बमबारी की गई। माना जा रहा है कि यह हमले ईरान के सैन्य और परिवहन ढांचे को कमजोर करने की रणनीति के तहत किए गए हैं।
इस्राइल ने फारसी भाषा में चेतावनी जारी कर नागरिकों से रेलवे और ट्रेनों से दूर रहने को कहा है, जिससे संकेत मिलता है कि आने वाले समय में रेल नेटवर्क भी निशाने पर हो सकता है।
ईरान का पलटवार: सऊदी और इस्राइल निशाने पर
हमलों के तुरंत बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइलों और ड्रोन से पलटवार किया। साउदी अरबिया के जुबैल स्थित एक बड़े पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर मिसाइल हमला किया गया, जिससे वहां भीषण आग लग गई। वहीं, Israel में यरूशलेम और तेल अवीव के आसपास सायरन गूंजते रहे और कई मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट किया गया। हालांकि, मलबे से कुछ इलाकों में नुकसान की खबर है।
ट्रम्प की चेतावनी के बीच बढ़ा संकट
इस पूरे घटनाक्रम ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को ‘मंगलवार शाम’ तक समझौते के लिए डेडलाइन दी थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान पीछे नहीं हटता, तो उसे “पूर्ण विनाश” का सामना करना पड़ सकता है।
महायुद्ध की दहलीज पर मिडिल ईस्ट
28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक 1,300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रहे हमलों और पलटवार ने पूरे मिडिल ईस्ट को अस्थिर कर दिया है। वैश्विक बाजार, तेल सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय विमानन सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं संभले, तो यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध या वैश्विक संकट का रूप ले सकता है।













