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Thursday, January 22, 2026
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भारतीय नौसेना ने देवदूत बनकर 14 भारतीयों को बचाया

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भारतीय नौसेना ने एक बार फिर यह साबित किया कि आपातकालीन परिस्थितियों में वह केवल एक सैन्य बल नहीं, बल्कि मानवता की रक्षक भी है। 29 जून को अरब सागर में एक विदेशी तेल टैंकर “MT Yi Cheng 6” में आग लगने के बाद नौसेना के युद्धपोत आईएनएस तबर (INS Tabar) ने एक साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देते हुए 14 भारतीय क्रू सदस्यों की जान बचाई।

इस टैंकर पर यह भीषण दुर्घटना यूएई के फुजैरा तट से करीब 80 नॉटिकल मील पूर्व समुद्र में हुई। यह टैंकर पलाउ के झंडे के तहत संचालित हो रहा था। अचानक इंजन रूम में आग लगने पर क्रू मेंबर्स ने एसओएस संदेश प्रसारित किया, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए INS तबर को अधिकतम गति से रवाना किया गया।

INS तबर का रेस्क्यू ऑपरेशन

नौसेना ने 7 क्रू मेंबर्स को तुरंत बचाकर INS तबर पर सुरक्षित पहुंचाया।

जबकि टैंकर पर मौजूद कप्तान और 6 अन्य सदस्य आग बुझाने में लगे रहे।

INS तबर से भेजी गई 6 सदस्यीय फायर फाइटिंग टीम ने आग को इंजन रूम तक सीमित रखने में सफलता पाई।

इसके बाद 13 और नौसैनिकों की टीम (5 अधिकारी और 8 नाविक) भेजी गई, जिससे राहत कार्य को और बल मिला।

भारतीय नौसेना ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि सभी 14 भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित हैं, और उनकी मेडिकल जांच के बाद उन्हें खतरे से बाहर घोषित किया गया है। इस पूरे अभियान में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

INS तबर अभी भी घटनास्थल के निकट तैनात है, ताकि किसी भी स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। यह घटना भारतीय नौसेना की दक्षता, त्वरित प्रतिक्रिया और मानवीय मूल्यों का एक और उदाहरण है, जो न केवल देशवासियों को गर्व से भरता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रतिष्ठा को भी मजबूती देता है।