17.6 C
New York
Thursday, January 29, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Home सेहत AYURVEDA सर्दियों में खांसी-बलगम से राहत का देसी उपाय, बिना सिरप के मिलेगा...

सर्दियों में खांसी-बलगम से राहत का देसी उपाय, बिना सिरप के मिलेगा आराम

3

सर्दियों का मौसम आते ही खांसी, जुकाम और छाती में जमे बलगम की समस्या आम हो जाती है। बच्चे हों या बुजुर्ग, ठंडी हवा और तापमान में गिरावट का असर सबसे पहले गले पर दिखाई देता है। आमतौर पर लोग इससे राहत पाने के लिए कफ सिरप का सहारा लेते हैं, लेकिन ये सिरप अक्सर इतनी भारी होती हैं कि दिनभर सुस्ती और नींद बनी रहती है। ऐसे में कई लोग भाप लेने या घरेलू उपाय अपनाने की कोशिश करते हैं, हालांकि तुरंत राहत न मिलने पर परेशानी बनी रहती है।

विशेषज्ञों और घरेलू चिकित्सा के जानकारों के अनुसार, रसोई में मौजूद कुछ सामान्य चीजों से तैयार किया गया देसी नुस्खा खांसी और बलगम दोनों में असरदार साबित हो सकता है। यह उपाय गले की सूखापन कम करने, जमा बलगम को बाहर निकालने और बार-बार उठने वाली खांसी से राहत देने में मदद करता है। खास बात यह है कि यह नुस्खा पूरी तरह प्राकृतिक है और शरीर पर किसी तरह का भारी असर नहीं डालता।

इस घरेलू नुस्खे को बनाने के लिए पानी, गुड़, हरी इलायची पाउडर, अजवाइन, काली मिर्च पाउडर, काला नमक और ताजा अदरक पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। आधा कप पानी को हल्का गर्म कर उसमें गुड़ मिलाया जाता है, ताकि वह अच्छी तरह घुल जाए। इसके बाद इसमें इलायची, अजवाइन, काली मिर्च, काला नमक और अदरक पाउडर डालकर कुछ देर तक पकाया जाता है। जब यह मिश्रण हल्का गाढ़ा हो जाए, तो इसे ठंडा होने के लिए रख दिया जाता है।

तैयार नुस्खे का सेवन रोज सुबह गुनगुने रूप में किया जाता है। माना जाता है कि कुछ ही दिनों के नियमित सेवन से सूखी खांसी में कमी आने लगती है और गले में जमा बलगम धीरे-धीरे बाहर निकलने लगता है। अदरक और काली मिर्च जहां गले की सूजन कम करने में मदद करती हैं, वहीं अजवाइन और इलायची छाती की जकड़न को हल्का करने में सहायक मानी जाती हैं।

हालांकि यह एक घरेलू उपाय है, लेकिन लंबे समय तक खांसी, सांस लेने में दिक्कत या तेज बुखार जैसी समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। फिर भी सर्दियों में होने वाली सामान्य खांसी-बलगम के लिए यह देसी नुस्खा लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और सिरप के बिना राहत पाने का एक आसान विकल्प माना जा रहा है।