
कुमाऊं के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय और उससे संबद्ध राजकीय मेडिकल कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया, जब संस्थान को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। इस सनसनीखेज धमकी के बाद पूरे अस्पताल परिसर, मेडिकल कॉलेज और छात्रावासों में दहशत का माहौल बन गया। सुरक्षा कारणों से कॉलेज प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सभी कक्षाएं स्थगित कर दीं, जबकि पुलिस और प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया।
जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय प्रशासन, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते मौके पर पहुंच गए। अस्पताल के सभी वार्डों, ओपीडी, लैब, ऑपरेशन थिएटर, कॉलेज भवन और छात्रावासों की गहन तलाशी ली गई। मरीजों और उनके तीमारदारों में डर का माहौल जरूर देखा गया, लेकिन पुलिस ने उन्हें शांत रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। एहतियात के तौर पर परिसर में प्रवेश और निकास पर कड़ी निगरानी रखी गई और हर व्यक्ति व वाहन की सघन जांच की गई।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय करते हुए शैक्षणिक गतिविधियों को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया, ताकि तलाशी अभियान में किसी तरह की बाधा न आए और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हॉस्टल में रह रहे छात्र-छात्राओं को कमरों में ही रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि धमकी किस माध्यम से दी गई। शुरुआती जांच में ईमेल या फोन कॉल के जरिए धमकी मिलने की आशंका जताई जा रही है। साइबर सेल को अलर्ट कर दिया गया है और धमकी भेजने वाले की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही अस्पताल और कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति का सुराग मिल सके।
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल किसी विस्फोटक के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से किसी भी सूचना को हल्के में नहीं लिया जा सकता। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह किसी शरारती तत्व की हरकत भी हो सकती है, फिर भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है। घटना के बाद स्थानीय लोगों और अस्पताल कर्मियों ने संस्थान की स्थायी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग भी उठाई है।
फिलहाल तलाशी अभियान जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने और परिसर को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही कक्षाएं और अन्य गतिविधियां दोबारा शुरू की जाएंगी।













