अदालत ने सट्टेबाज चावला को 12 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा

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दिल्ली की एक अदालत ने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान हैंसी क्रोनिए की संलिप्तता वाले क्रिकेट मैच फिक्सिंग मामले के एक प्रमुख आरोपी और कथित सट्टेबाज संजीव चावला को बृहस्पतिवार को 12 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।चावला को बृहस्पतिवार को ब्रिटेन से प्रत्यर्पित करके यहां लाया गया और दोनों देशों के बीच इस तरह का यह पहला हाई-प्रोफाइल प्रत्यर्पण है। ब्रिटिश नागरिक चावला लगभग दो दशकों तक भारतीय कानून से बचता रहा। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे चिकित्सा जांच के लिए एम्स ले जाया गया।

अपराध शाखा ने आर के पुरम स्थित अपने कार्यालय में चावला से पूछताछ भी की और इसके बाद उसे पटियाला हाउस अदालत लेकर गई। तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने कहा, ‘‘प्रत्यर्पण संधि के अनुसार, सभी बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित किया जाएगा और राजनयिक पहुंच प्रदान की जायेगी। उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। कैदी को एक अलग प्रकोष्ठ में रखा जायेगा।’’ पुलिस ने कहा कि दिल्ली की यात्रा के दौरान चावला ‘‘पूरी तरह से सामान्य’’ था। डीसीपी (अपराध शाखा) राम गोपाल नाइक ने कहा, ‘‘उसने विमान में दो बार खाना खाया था। चिकित्सा जांच के बाद उसने लंच भी किया था। वह सामान्य स्थिति में है और तनाव में नहीं है।

अपराध शाखा द्वारा उससे अब विस्तृत पूछताछ की जायेगी।’’ उन्होंने बताया, ‘‘उसे पांच स्थानों पर ले जाया जायेगा और शुरूआत मुंबई से होगी जहां श्रृंखला के मैच खेले गये थे और बड़ी साजिश का पता लगाने के लिए उसका विभिन्न लोगों से आमना-सामना कराया जायेगा।’’ अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार सिरोही ने चावला को 12 दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पुलिस ने अदालत से चावला को 14 दिन के लिए सौंपने का अनुरोध किया था। अदालत ने कहा कि 22 सितम्बर, 2017 को ब्रिटेन को दिये आश्वासन पत्र के अनुसार भारत सरकार ने आश्वासन दिया था कि आरोपी को सुनवाई से पहले और सक्षम अदालत द्वारा दोषी ठहराये जाने की स्थिति में तिहाड़ जेल में रखा जायेगा।

न्यायाधीश ने कहा, ‘‘यह तय कानून है कि पुलिस को आगे की जांच के लिए अदालत से किसी भी अनुमति की आवश्यकता नहीं है और इस मामले में पुलिस को कोचीन, जमशेदपुर, फरीदाबाद, वडोदरा, नागपुर, मुंबई और बेंगलुरू जाना है और मामले की और जांच की जानी है। इसलिए मेरे विचार से 12 दिन की पुलिस हिरासत की अवधि इस उद्देश्य के लिए पर्याप्त होगी।’’ अदालत ने आरोपी को 25 फरवरी को पेश करने के निर्देश दिये। अदालत ने जांच अधिकारी को कानून के अनुसार आरोपी की चिकित्सा जांच कराने का भी निर्देश दिया। विशेष लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि बृहस्पतिवार को लंदन से प्रत्यर्पित करके लाये गये चावला पांच मैचों की फिक्सिंग में शामिल है और बड़ी साजिश का पता लगाने के लिए उसका विभिन्न लोगों से आमना-सामना कराना है।

पुलिस ने अदालत को बताया कि क्रोनिए भी इसमें शामिल थे। क्रोनिए की 2002 में विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी। चावला की ओर से पेश वकील विनीत मल्होत्रा ने कहा कि उन्हें अदालत द्वारा यहां जारी एक वारंट पर गिरफ्तार किया गया था, जिसके आधार पर लंदन में आरोपी के प्रत्यर्पण की कार्यवाही शुरू की गई थी और जमानत दी गई थी, ‘‘इसलिए, आरोपी की गिरफ्तारी की तिथि से 15 दिनों की अवधि खत्म हो गई है। इस तरह आरोपी को पुलिस हिरासत में नहीं दिया जा सकता है।’’ चावला की ओर से पेश एक अन्य वकील राहुल कुमार ने कहा कि आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र भी दायर किया गया है और पुलिस अदालत की अनुमति के बिना मामले की जांच नहीं कर सकती है। चावला पर फरवरी-मार्च 2000 में दक्षिण अफ्रीका टीम के भारत दौरे पर मैच फिक्सिंग के लिए क्रोनिए के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप है।

पुलिस ने 2013 में एक आरोप पत्र दायर किया था जिसमें राजेश कालरा, किशन कुमार, सुनील दारा, चावला, क्रोनिए और मनमोहन खट्टर के नाम हैं। ब्रिटिश अदालत के दस्तावेजों में कहा गया है कि दिल्ली में जन्मा व्यवसायी चावला 1996 में व्यापार वीजा पर ब्रिटेन चला गया था लेकिन वह भारत की यात्रा करता रहा। इससे पहले चावला को बृहस्पतिवार को ब्रिटेन से प्रत्यर्पित करके यहां लाया गया। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ब्रिटेन का 50 वर्षीय यह नागरिक सुबह आईजीआई हवाई अड्डा पहुंचा।

उसके साथ लंदन से दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के अधिकारियों की एक टीम थी। अधिकारी ने बताया कि औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अपराध शाखा आर के पुरम स्थित अपने कार्यालय में चावला से पूछताछ करेगी। वर्ष 2000 में भारतीय पासपोर्ट रद्द होने के बाद उसने पांच साल बाद एक ब्रिटिश पासपोर्ट हासिल कर लिया था। उसने अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील दायर की थी जिसे पिछले सप्ताह यूरोपीय मानवाधिकार अदालत ने खारिज कर दिया था।