17.6 C
New York
Wednesday, January 21, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Home news उत्तरप्रदेश में सीएम योगी ने प्रवासियों का कोविड प्रोटोकॉल जारी किया

उत्तरप्रदेश में सीएम योगी ने प्रवासियों का कोविड प्रोटोकॉल जारी किया

4

कोरोना वायरस की दूसरी लहर से संक्रमित होने के बाद भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रदेश के लोगों के जीवन तथा उनकी जीविका की चिंता है। पॉजिटिव होने के बाद भी गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के हालात और व्यवस्था की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा की। इसके बाद उत्तर प्रदेश लौट रहे प्रवासियों के लिए नया कोविड प्रोटोकॉल जारी किया गया है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समीक्षा के दौरान प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के साथ ही कोरोना मैनेजमेंट की टीम-11 के सभी सदस्य जुड़े थे। दर्जनों ब्यूरोक्रेट्स भी इस दौरान समीक्षा बैठक के निर्देश को सुन रहे थे।

प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश लौट रहे प्रवासी कामगारों के लिए प्रोटोकॉल जारी किया है। इनकी अब हर जिले में होगी स्क्रीनिंग होगी। किसी में अगर कोरोना वायरस संक्रमण का लक्षण भी नहीं मिलता है, तब भी उसको कम से कम सात दिन दिन होम क्वारैंटाइन में रहना होगा। कोरोनावायरस संक्रमण के खतरे के बीच उत्तर प्रदेश लौट रहे प्रवासी कामगारों के लिए योगी सरकार ने प्रोटोकॉल जारी किया है। इसके तहत सभी जिलों में क्वारंटीन सेंटर बनेंगे। महाराष्ट्र, दिल्ली समेत दूसरे राज्यों से पलायन कर प्रदेश लौट रहे प्रवासियों का जिले में स्क्रीनिंग कराना जरूरी होगा। इसके बाद इनको सात दिन का होम क्वारंटाइन जरूरी कर दिया गया है। कोई लक्षण नहीं होने के बावजूद भी सात दिन खुद को आइसोलेशन में रहना होगा। अगर लक्षण हैं तो 14 दिन क्वारंटाइन रहना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद जिलाधिकारियों इससे अवगत करा दिया गया है। अब सभी जनपदों में प्रवासी मजदूरों की आरटीपीसीआर जांच के साथ चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष रणनीति के तहत युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के हर जिले में क्वारंटाइन सेंटर के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम इन प्रवासी मजदूरों की आरटीपीसीआर जांच करेगी। जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव होगी, उन मजदूरों के भोजन, क्वारंटाइन और दवाओं की व्यवस्था सरकार करेगी। इसके साथ ही आइसोलेशन सेंटर में 14 दिन निगरानी के बाद इन प्रवासी मजदूरों को परिवहन निगम की बसों से उनके गृह जनपद पहुंचाया जाएगा। प्रवासी कामगारों के वापसी पर प्रबंधन प्रोटोकॉल: जिला प्रशासन स्क्रीनिंग कराएगा। लक्षण मिलने पर क्वारंटाइन में रखा जाएगा। जांच के बाद यदि सक्रमित मिलता है तो कोविड अस्पताल या घर पर आइसोलेट होना होगा। लक्षण हैं लेकिन