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Saturday, February 14, 2026
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बजट 2026-27 : जम्मू-कश्मीर खेती में गुणवत्ता और आय पर फोकस, जेकेपीआईसीसीए ने बताया भविष्य की नींव

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जम्मू-कश्मीर के बजट 2026-27 ने केंद्र शासित प्रदेश की कृषि नीति में एक स्पष्ट बदलाव का संकेत दिया है। सरकार ने इस बार पारंपरिक खेती के दायरे से आगे बढ़ते हुए ‘गुणवत्तापूर्ण और आय-केंद्रित कृषि’ को अपनी प्राथमिकता बनाया है। बजट में किए गए इन प्रावधानों को जम्मू-कश्मीर प्रोग्रेसिव इनक्यूबेशन एंड कैपेसिटी बिल्डिंग सेंटर एसोसिएशन (JKPICCA) ने समय की मांग बताते हुए सरकार की सराहना की है।

संगठन का कहना है कि यह बजट न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाने में मददगार होगा, बल्कि जम्मू-कश्मीर के कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने की दिशा में भी अहम कदम है।

तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर

बजट 2026-27 में खेती को आधुनिक बनाने के लिए तकनीक आधारित समाधानों पर विशेष ध्यान दिया गया है। ड्रोन के जरिए कीटनाशक छिड़काव, एआई आधारित मृदा परीक्षण और स्मार्ट सिंचाई प्रणालियों के लिए बजटीय प्रावधान किए गए हैं। इसके साथ ही सेब, केसर और अखरोट जैसे प्रमुख उत्पादों के लिए कोल्ड स्टोरेज चेन और वैल्यू एडिशन यूनिट्स विकसित करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

ऑर्गेनिक उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग

सरकार ने जम्मू-कश्मीर के जैविक और प्राकृतिक उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए जीआई टैगिंग और ब्रांडिंग के लिए अलग से फंड का प्रावधान किया है। इससे स्थानीय किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।

युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए अवसर

JKPICCA के अनुसार, बजट में कृषि को व्यवसाय के रूप में प्रस्तुत करने की सोच घाटी के युवाओं को इस क्षेत्र की ओर आकर्षित करेगी। किसानों और नवोदित उद्यमियों के लिए प्रशिक्षण, स्किल डेवलपमेंट और क्षमता निर्माण पर दिया गया फोकस कृषि आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगा। साथ ही ‘खेत से बाजार’ तक मजबूत लॉजिस्टिक्स व्यवस्था विकसित करने की पहल से किसानों की सीधी बाजार तक पहुंच आसान होगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था में कृषि की भूमिका अहम है। गुणवत्ता आधारित उत्पादन से यहां के फल, ड्राई फ्रूट्स और औषधीय पौधों को बेहतर दाम मिल सकेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आय में स्थायी वृद्धि होगी।

JKPICCA का कहना है कि यह बजट केवल वित्तीय प्रावधानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर के किसानों को आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।