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Thursday, January 15, 2026
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कुंभ 2025 से पहले हरिद्वार को मिलेगी रिंग रोड की सौगात, जाम से मिलेगी राहत और आवागमन होगा सुगम

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आगामी कुंभ मेले 2025 की तैयारियों के बीच धर्मनगरी हरिद्वार के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने बहुप्रतीक्षित रिंग रोड परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना न केवल शहर के यातायात दबाव को कम करेगी, बल्कि कुंभ मेले के दौरान भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही में भी अहम भूमिका निभाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, रिंग रोड का निर्माण हरिद्वार के बाहरी क्षेत्रों से होकर किया जाएगा ताकि शहर के भीतर यातायात का बोझ कम हो सके। इसके बनने से मुख्य मार्गों पर जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी और श्रद्धालु बिना किसी बाधा के मेले स्थल तक आसानी से पहुंच सकेंगे।

कुंभ मेले के दौरान हर साल लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं, जिससे सड़कों पर भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। रिंग रोड बनने के बाद वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना ही अपने गंतव्यों तक पहुंचने का वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और आपात स्थितियों में राहत वाहनों की आवाजाही भी आसान होगी।

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रिंग रोड परियोजना को तीन चरणों में पूरा करने की योजना है। पहले चरण में ज्वालापुर से बहादराबाद तक सड़क का निर्माण किया जाएगा, जबकि अगले चरणों में इसे ऋषिकेश-बिजनौर मार्ग से जोड़ा जाएगा। परियोजना के पूरा होने पर हरिद्वार का सड़क नेटवर्क और भी मजबूत और व्यवस्थित हो जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रिंग रोड परियोजना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है और इसे कुंभ मेला शुरू होने से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह सड़क हरिद्वार के नागरिकों को जाममुक्त आवागमन की सुविधा देगी और कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेगी।

अधिकारियों का कहना है कि रिंग रोड के निर्माण में पर्यावरणीय और धार्मिक संवेदनशीलता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। सड़क किनारों पर हरित पट्टियों का विकास, सौंदर्यीकरण और सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइटों की स्थापना भी की जाएगी।

कुंभ मेला प्रशासन ने भी इस परियोजना को भीड़ प्रबंधन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। मेला अधिकारी ने कहा कि स्नान पर्वों के दौरान रिंग रोड आपातकालीन सेवाओं और भीड़ नियंत्रण में बड़ा योगदान देगी।

परियोजना के पूर्ण होने के बाद हरिद्वार न केवल एक प्रमुख धार्मिक तीर्थ के रूप में, बल्कि आधुनिक और सुव्यवस्थित नगरी के रूप में भी नई पहचान बनाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि यह रिंग रोड आने वाले दशकों तक कुंभ मेला आयोजन और शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में मील का पत्थर साबित होगी।