अंकिता भंडारी हत्याकांड : दो बहनों ने खून से राष्ट्रपति को लिखा पत्र, न्याय की लगाई गुहार

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उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। न्याय मिलने में हो रही देरी और मामले में कथित वीआईपी चेहरे के नाम उजागर न होने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में अल्मोड़ा जिले के भिकियासैण (सल्ट) की दो सगी बहनों ने एक भावुक कदम उठाया है। कुसुम बौड़ाई और उनकी छोटी बहन संजना बौड़ाई (10वीं की छात्रा) ने अपने खून से देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर अंकिता को न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।

क्या रसूखदारों को कानून से छूट है?

खून से लिखे पत्र में दोनों बहनों ने व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से पूछा है कि क्या देश में प्रभावशाली लोगों को अपराध करने की खुली छूट है। पत्र में लिखा गया है कि तीन साल बीत जाने के बाद भी अंकिता हत्याकांड में शामिल कथित वीआईपी आज तक कानून की गिरफ्त से बाहर है।

बहनों की मुख्य मांगें
  • हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक कर गिरफ्तारी की जाए
  • पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए
  • अंकिता को न्याय दिलाकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
प्रदेश में बढ़ता जनआक्रोश

यह पत्र ऐसे समय सामने आया है, जब पूरे उत्तराखंड में अंकिता हत्याकांड को लेकर विरोध तेज हो गया है।

  • देहरादून में हाल ही में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया
  • कई जिलों में कैंडल मार्च निकाले जा रहे हैं
  • विभिन्न संगठनों ने 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का आह्वान किया है
क्या है अंकिता भंडारी मामला

सितंबर 2022 में ऋषिकेश के वनंतरा रिजॉर्ट में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके साथियों ने अंकिता पर एक वीआईपी को “एक्स्ट्रा सर्विस” देने का दबाव बनाया था। मना करने पर अंकिता को नहर में धक्का दे दिया गया। हालांकि मुख्य आरोपी जेल में हैं, लेकिन जनता और पीड़ित परिवार अब भी उस वीआईपी के नाम के खुलासे की मांग कर रहे हैं।