
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। शिप-ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म VesselFinder के मुताबिक, भारत का एलपीजी टैंकर ‘ग्रीन सान्वी’ सफलतापूर्वक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर आगे बढ़ रहा है। युद्ध जैसे हालात शुरू होने के बाद यह सातवां भारतीय जहाज है, जो इस संवेदनशील रास्ते से सुरक्षित निकलने में कामयाब रहा है। यह जहाज लारक-केश्म चैनल के जरिए अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा है, जिसे सुरक्षा के लिहाज से अपेक्षाकृत बेहतर मार्ग माना जाता है।
सुरक्षा के लिए अपनाई खास रणनीति
अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जहाज के एआईएस सिस्टम पर लगातार “इंडियन शिप, इंडियन क्रू” का संदेश फ्लैश किया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की गलत पहचान या हमले के खतरे से बचा जा सके। हालांकि ‘ग्रीन सान्वी’ आगे बढ़ चुका है, लेकिन ‘जग विक्रम’ और ‘ग्रीन आशा’ जैसे दो अन्य भारतीय टैंकर अब भी सुरक्षा कारणों से होर्मुज के पास फंसे हुए हैं।
भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए अहम
करीब 58,811 मीट्रिक टन एलपीजी क्षमता वाला यह टैंकर भारत की घरेलू गैस जरूरतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे पहले ‘शिवालिक’, ‘नंदा देवी’ और ‘जग वसंत’ जैसे जहाज सुरक्षित भारत पहुंच चुके हैं, जिससे सप्लाई बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अभी भी करीब 15 भारतीय जहाज होर्मुज के पश्चिम में फंसे हुए हैं, जिनकी सुरक्षित वापसी पर भारत की नजर बनी हुई है।
दुनिया के सबसे अहम एनर्जी रूट पर असर
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे अहम समुद्री मार्ग माना जाता है, जहां से करीब 20 प्रतिशत वैश्विक तेल और गैस गुजरती है। ऐसे में यहां बना तनाव सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आम लोगों के किचन बजट को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल ‘ग्रीन सान्वी’ किस भारतीय बंदरगाह पर पहुंचेगा, इसकी जानकारी सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं की गई है।













