spot_img
HomeसेहतHealth A-Zपेट फूल रहा है तो कीजिये इन खाद्य पदार्थों का सेवन |...

पेट फूल रहा है तो कीजिये इन खाद्य पदार्थों का सेवन | Hindi Health Tips

ब्लॉटिंग (पेट फूलना) बहुत कष्टप्रद हो सकता है परन्तु यह एक ऐसी समस्या है जिसका सामना हम सभी को कभी न कभी करना ही पड़ता है। पेट फूलने के साथ कभी कभी डकार आने की भी समस्या हो सकती है। ब्लॉटिंग के कई कारण हो सकते हैं। खाना खाने के बाद होने वाली ब्लॉटिंग का मुख्य कारण आहार है। खाना खाने के लिए पर्याप्त समय नहीं देने से भी ब्लॉटिंग की समस्या हो सकती है।

पेट फूलना यानी की ब्लॉटिंग हम में से कई लोगों को बहुत परेशान करती है. वैसे तो इसके कई कारण है लेकिन ज्यादातर ये

महिलाओं में मासिक धर्म भी ब्लॉटिंग का एक कारण हो सकता है। डिहाईड्रेशन (पानी के कमी) के कारण भी ब्लॉटिंग की समस्या हो सकती है। यद्यपि चिंता की कोई बात नहीं है। कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनका आज सेवन करके आप कल ब्लॉटिंग से छुटकारा प्राप्त कर सकते हैं।

अदरक – आप अपनी चाय में अदरक डाल सकते हैं और अदरक की चाय पी सकते हैं या अपने खाने में अदरक को शामिल कर सकते हैं।

सौंफ – इसका उपयोग गैस और ब्लॉटिंग की समस्या से निपटने में किया जाता है। सौंफ आँतों की कोशिकाओं को आराम पहुंचाती हैं जो फंसी हुई गैस को दूर करने में सहायक होता है। खाने के बाद थोड़ी सी सौंफ खाएं तथा गैस और पेट फूलने की समस्या से छुटकारा पायें।

दही- दही में प्रोबायोटिक्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। प्रोबायोटिक्स अच्छे बैक्टीरिया होते हैं जो पाचन में और भोजन के अवशोषण को बढ़ाकर पाचन तंत्र को अच्छी तरह कार्य करने में सहायक होते हैं। इस से डि-ब्लॉटिंग में सहायता मिलती है।

केला- केले में पोटैशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। पोटैशियम शरीर में सोडियम की मात्रा को नियमित करता है जो ब्लॉटिंग के लिए ज़िम्मेदार होता है।

लाल मिर्च- इसके अलावा अपने आहार में लाल मिर्च शामिल करें। लाल मिर्च में कैपेसिन नामक तत्व पाया जाता है जो पाचन के लिए आवश्यक एंजाइम्स के स्तर को बढ़ाता है। इससे गैस और पेट फूलने की समस्या में कमी आती है।

To subscribe click this link –

#stomach #bloating #period #gastric #drbole #hindi_health_tips

Disclaimer- purpose of displaying these medicinal properties of items/herbs on Drbole.com is just for information, patient must approach his/her doctor or ayurvedacharya before using any kind of herbal or allopathic medicine.

source