
जियो-ब्लैकहॉक इवेंट में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने भारत की विकास यात्रा, तकनीक, स्टार्टअप्स और युवा शक्ति को लेकर अपने विचार साझा किए। इस कार्यक्रम में ब्लैकरॉक के चेयरमैन और सीईओ लैरी फिंक भी मौजूद रहे।
अपने संबोधन में मुकेश अंबानी ने कहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने बताया कि पिछले 15 से 20 वर्षों में देश में मजबूत और निरंतर कानून-व्यवस्था बनी रही है, जिसने आर्थिक विकास के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है। अंबानी ने कहा कि अब आने वाले कई दशकों के लिए मजबूत नींव रखी जा रही है, जिसे पूरी दुनिया देख रही है।
AI और टेक्नोलॉजी पर बात करते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसे अवसर के रूप में अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत एक मजबूत आधार पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और यह विकास लंबे समय तक टिकाऊ रहेगा। देश की प्रगति का सीधा लाभ युवा भारत को मिलेगा।
मुकेश अंबानी ने विश्वास जताया कि भारत दुनिया से तेज़ गति से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि AI-संचालित दुनिया में अगले तीन दशकों के भीतर भारत 30 ट्रिलियन डॉलर के नए मूल्य को हासिल करने की क्षमता रखता है।
स्टार्टअप इकोसिस्टम पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, निजी क्षेत्र में स्टार्टअप इंडस्ट्री मुझे सबसे ज़्यादा उत्साहित करती है। जब मैं युवाओं से बातचीत करता हूं, तो मुझे इसमें 100 नए रिलायंस उभरते हुए दिखाई देते हैं।
इवेंट के दौरान मुकेश अंबानी ने भारतीय युवाओं और स्टार्टअप्स की जमकर सराहना की, वहीं ब्लैकरॉक के चेयरमैन और सीईओ लैरी फिंक ने भी भारत की विकास क्षमता पर भरोसा जताया और युवा भारत को अपने देश पर विश्वास रखने का संदेश दिया।













