
शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन मनाया जाएगा। यह दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा को समर्पित होता है। श्रद्धालु इस दिन व्रत रखकर और विधि-विधान से पूजा कर मां से तप, त्याग और संयम का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.
पंचांग के अनुसार, इस दिन द्वितीया तिथि पूरे दिन रहेगी, जिसका समापन 21 मार्च की सुबह 2 बजकर 30 मिनट पर होगा। आइए जानते हैं 20 मार्च 2026 का विस्तृत पंचांग.
तिथि, पक्ष और मास
- तिथि: द्वितीया (पूरे दिन)
- माह: चैत्र
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- दिन: शुक्रवार
नक्षत्र, योग और करण
- नक्षत्र: रेवती और अश्विनी
- योग: ब्रह्म और इन्द्र
- करण: बालव, कौलव और तैतिल
धार्मिक महत्व
चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी तप और साधना की देवी हैं। उनकी आराधना से व्यक्ति को धैर्य, आत्मबल और कठिन परिस्थितियों से लड़ने की शक्ति मिलती है.
दिशाशूल
- दिशा: पश्चिम
इस दिन पश्चिम दिशा की यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता। यदि यात्रा आवश्यक हो, तो दही या गुड़ खाकर घर से निकलना लाभकारी माना जाता है.
शुभ-अशुभ समय
पंचांग के अनुसार, राहुकाल और अन्य अशुभ समय से बचकर ही महत्वपूर्ण कार्य करने की सलाह दी जाती है। वहीं शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य सफलता दिलाते हैं.
20 मार्च 2026 का दिन धार्मिक साधना और पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ है। खासकर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से जीवन में संयम, तप और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.













