
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और मानवीय संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री राब जेटन से टेलीफोन पर विस्तृत बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र की गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल करने पर जोर दिया।
शांति और स्थिरता पर साझा चिंता
दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में जारी हिंसा और उसके मानवीय प्रभावों पर गहन चर्चा की। उन्होंने इस बात पर सहमति जताई कि निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा और मानवीय सहायता की उपलब्धता सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय सिद्धांतों के पालन की आवश्यकता पर बल देते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की।
भारत-नीदरलैंड्स संबंधों को मिलेगा बढ़ावा
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह बातचीत भारत और नीदरलैंड्स के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही। दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, नवीकरणीय ऊर्जा, जल प्रबंधन, कृषि और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर
नीदरलैंड्स यूरोपीय संघ में भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में शामिल है। ऐसे में यह बातचीत दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनयिक और आर्थिक संबंधों को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह पहल न केवल पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों को मजबूती देगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर सहयोग और संवाद को भी बढ़ावा देगी।
कुल मिलाकर, यह वार्ता अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होकर संकट का समाधान निकालने का संदेश देती है और भारत की सक्रिय कूटनीतिक भूमिका को रेखांकित करती है।













