
देश की दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड अब अपने सबसे बड़े दांव की ओर बढ़ रही है। कंपनी अपनी टेलीकॉम यूनिट जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का आईपीओ लाने की तैयारी में है, जिसे भारतीय पूंजी बाजार का गेम-चेंजर माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, इस मेगा आईपीओ के लिए निवेश बैंकिंग सलाहकारों की फीस करीब 0.65% तय की गई है, जो मौजूदा बाजार औसत से काफी कम है। अगर यह आईपीओ अपने अनुमानित आकार तक पहुंचता है, तो इसकी कुल वैल्यू लगभग 4 अरब डॉलर (करीब 33,000 करोड़ रुपये) हो सकती है। ऐसे में बैंकों को मिलने वाली कुल फीस करीब 26 मिलियन डॉलर (लगभग 215 करोड़ रुपये) तक पहुंचने का अनुमान है।
किन बैंकों की होगी बड़ी भूमिका?
इस आईपीओ में कई बड़े निवेश बैंक शामिल हैं, जिनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, मॉर्गन स्टेनली, एचएसबीसी होल्डिंग्स, जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी, गोल्डमैन सैक्स ग्रुप, जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड, एक्सिस बैंक लिमिटेड और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड शामिल हैं।
सूत्रों का कहना है कि फीस का बड़ा हिस्सा लीड बैंकों के बीच बांटा जाएगा, हालांकि अंतिम वितरण इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन सा बैंक डील में कितना योगदान देता है।
कम फीस क्यों है खास?
जियो आईपीओ का फीस स्ट्रक्चर बाजार के सामान्य स्तर से काफी कम है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल भारत में आईपीओ के लिए औसत फीस करीब 1.86% रही थी, जबकि 2024 में यह 1.67% थी। ऐसे में 0.65% फीस इस डील को और भी खास बनाती है।
क्यों ऐतिहासिक हो सकता है IPO?
यह आईपीओ कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है। यह मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस का करीब दो दशकों बाद किसी बड़ी यूनिट का पहला आईपीओ होगा।अगर यह सफल रहता है, तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। बाजार में पहले से ही इसे लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और निवेशकों की नजर इस पर टिकी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, कंपनी जल्द ही ड्राफ्ट पेपर फाइल कर सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में निवेशकों के लिए एक बड़ा मौका खुलने वाला है, जहां से उन्हें संभावित तौर पर अच्छा रिटर्न मिल सकता है।













