
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर ईरान अमेरिका की शर्तों के साथ नया परमाणु समझौता नहीं करता, तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। उनके इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।
समंदर में तैनात अमेरिकी नौसेना
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना के जंगी जहाज और एयरक्राफ्ट कैरियर पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं। उन्होंने कहा कि यह तैनाती केवल चेतावनी नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर कार्रवाई के लिए है।
क्यों बढ़ा अमेरिका-ईरान तनाव
दोनों देशों के बीच तनाव की कई वजहें हैं:
- अमेरिका ईरान से सख्त परमाणु समझौता चाहता है
- बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर रोक की मांग
- ईरान पर भारी आर्थिक प्रतिबंध
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों की सुरक्षा को लेकर विवाद
ईरान का पलटवार
ईरान ने ट्रंप की धमकी को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश किसी भी दबाव या धमकी के आगे नहीं झुकेगा। साथ ही ईरान ने अपनी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को भी अलर्ट पर रखा है।
दुनिया पर क्या पड़ेगा असर
विशेषज्ञों के मुताबिक अगर हालात बिगड़ते हैं तो:
- कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं
- भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर असर पड़ेगा
- क्षेत्र में युद्ध का खतरा बढ़ सकता है
ट्रंप का बयान
ट्रंप ने कहा, “हम शांति चाहते हैं, लेकिन अगर ईरान ने बातचीत नहीं की तो अमेरिका अपनी ताकत दिखाने से पीछे नहीं हटेगा।”












