
वैश्विक आर्थिक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत के बीच नॉर्वे ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का खुलकर समर्थन किया है। नॉर्वे ने कहा है कि आधुनिक दुनिया में फ्री ट्रेड जरूरी है और इसमें अनावश्यक रुकावटें नहीं होनी चाहिए। यह रुख भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
नॉर्वे के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक अंतरराष्ट्रीय व्यापार सम्मेलन में कहा कि भारत-EU समझौता दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होगा और वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूती देगा। नॉर्वे ने संरक्षणवाद का विरोध करते हुए देशों से एक-दूसरे के बाजार खोलने की अपील की। साथ ही ग्रीन एनर्जी, ब्लू इकोनॉमी और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ने की बात कही।
भारत-EU डील के तहत भारतीय निर्यातकों को यूरोपीय बाजारों में बेहतर पहुंच मिल सकती है। कपड़ा, चमड़ा और कृषि उत्पादों को फायदा होगा। यूरोपीय कंपनियों के लिए भारत में निवेश आसान होगा, जिससे मेक इन इंडिया को बल मिलेगा। आईटी और प्रोफेशनल सर्विस सेक्टर के लिए भी नए अवसर खुलेंगे।
नॉर्वे, जो EFTA का प्रमुख सदस्य है, पहले से भारत के साथ व्यापार बढ़ाने का इच्छुक रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नॉर्वे का समर्थन अन्य यूरोपीय देशों को भी लचीला रुख अपनाने के लिए प्रेरित कर सकता है।
हालांकि डेयरी, ऑटोमोबाइल और डेटा सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत जारी है। नॉर्वे के इस बयान से वार्ता को सकारात्मक गति मिली है। भारतीय वाणिज्य मंत्रालय ने समर्थन का स्वागत करते हुए कहा है कि भारत समान और न्यायसंगत व्यापार समझौते के लिए प्रतिबद्ध है।












