उत्तराखंड की लोक संस्कृति पर टिप्पणी पड़ी भारी, महिला ब्लॉगर गिरफ्तार

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उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और आराध्य देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में पुलिस ने एक महिला ब्लॉगर को गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में महिला द्वारा इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा और पहाड़ की महिलाओं के प्रति किए गए अपमानजनक शब्दों के बाद राज्यभर में नाराजगी देखने को मिली। जनभावनाओं और धार्मिक मर्यादाओं के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से भड़का विरोध

जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला ब्लॉगर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें उसने हिंदू देवी-देवताओं के लिए अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया। इसके साथ ही उसने उत्तराखंड की महिलाओं की जीवनशैली और चरित्र को लेकर भी विवादित टिप्पणी की। वीडियो वायरल होते ही स्थानीय लोगों, धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने और समुदाय विशेष की भावनाओं को आहत करने के आरोप में की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर राज्य की संस्कृति और आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

साइबर सेल की जांच के बाद गिरफ्तारी

शिकायत मिलने के बाद पुलिस की साइबर सेल ने वीडियो की जांच की। आपत्तिजनक सामग्री की पुष्टि होने के बाद आरोपी महिला को हिरासत में लिया गया। इस मामले में राज्य के अलग-अलग स्थानों से भी शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।

पहाड़ी संस्कृति और महिलाओं पर टिप्पणी से लोगों में रोष

उत्तराखंड को देवभूमि और अपनी विशिष्ट लोक परंपराओं के लिए जाना जाता है। पहाड़ की महिलाएं समाज, संस्कृति और परिवार की मजबूत आधार मानी जाती हैं। उनके खिलाफ की गई टिप्पणी को लोगों ने अपनी अस्मिता पर हमला बताया है। स्थानीय लोगों और बुद्धिजीवियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल बेहद निंदनीय है।

पुलिस का सख्त संदेश

पुलिस ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अभद्र, धार्मिक या सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कानून के तहत ऐसे मामलों में कठोर दंड का प्रावधान है।