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Thursday, January 29, 2026
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हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण और तुरंत बचाव के आसान तरीके

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हार्ट से जुड़ी बीमारियां आज के समय में तेजी से बढ़ रही हैं। खासतौर पर भारत में युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले चिंताजनक स्तर तक पहुंच गए हैं। बदलती जीवनशैली, जंक फूड का बढ़ता सेवन, तनाव, पूरी नींद न लेना और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।

हार्ट अटैक एक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें हर सेकेंड कीमती होता है। कई बार ऐसा भी होता है कि व्यक्ति अकेला होता है और उसे समझ नहीं आता कि इस स्थिति में क्या करना चाहिए। ऐसे में सही जानकारी जानना बेहद जरूरी है।

हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण

हार्ट अटैक आने से पहले शरीर कुछ संकेत देता है। सीने में तेज दबाव या दर्द महसूस होना, दर्द का बाएं हाथ, जबड़े या कमर तक फैलना, सांस लेने में तकलीफ, ठंडा पसीना आना, जी मिचलाना, चक्कर आना और अचानक घबराहट या बेचैनी होना इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। इन संकेतों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

हार्ट अटैक के दौरान तुरंत क्या करें

सबसे पहले जैसे ही लक्षण महसूस हों, तुरंत 108 या नजदीकी इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें। अपने लक्षण साफ शब्दों में बताएं और जब तक निर्देश न मिलें, कॉल बंद न करें।

अगर उपलब्ध हो तो एस्पिरिन की एक गोली चबाकर निगल लें, क्योंकि यह खून के थक्के बनने से रोकने में मदद करती है। इसके बाद किसी सुरक्षित स्थिति में बैठ जाएं या आराम करें। चक्कर आने की स्थिति में करवट लेकर लेटना बेहतर होता है।

किसी करीबी व्यक्ति, परिवार के सदस्य या पड़ोसी को तुरंत फोन कर मदद के लिए बुलाएं। साथ ही, यदि संभव हो तो घर का दरवाजा खोलकर रखें ताकि मेडिकल टीम बिना देरी के अंदर आ सके।

इस दौरान खुद को शांत रखने की कोशिश करें। ज्यादा घबराहट से दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। गहरी और धीमी सांस लेने से स्थिति संभालने में मदद मिल सकती है।

क्या नहीं करना चाहिए

हार्ट अटैक के लक्षणों को कभी हल्के में न लें। किसी भी तरह के घरेलू नुस्खे या सोशल मीडिया पर वायरल ट्रिक्स अपनाने से बचें। खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल जाने की कोशिश न करें, खासकर तब जब लक्षण गंभीर हों।

हार्ट अटैक से जुड़े मिथक

हार्ट अटैक को लेकर कई गलत धारणाएं फैली हुई हैं, जैसे जोर-जोर से खांसने से हार्ट अटैक रुक सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इन बातों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। खांसना, सांस रोकना, पानी पीना या सीधे लेट जाना हार्ट अटैक को नहीं रोकता। ऐसे मिथकों में समय गंवाने के बजाय तुरंत मेडिकल मदद लेना ही सबसे सही कदम है। हार्ट अटैक के मामलों में जागरूकता और समय पर सही कदम ही जान बचा सकते हैं।