
आज के समय में किडनी की पथरी एक आम लेकिन बेहद दर्दनाक समस्या बन गई है। मूत्र में मौजूद खनिज और नमक जब इकट्ठा होकर कठोर रूप ले लेते हैं, तब पथरी बनती है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो यह गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। बदलती जीवनशैली और गलत खान-पान के कारण पथरी के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है।
डॉक्टरों के अनुसार, छोटी पथरी अक्सर दवाओं और पर्याप्त तरल पदार्थ के सेवन से निकल सकती है, जबकि बड़ी पथरी के लिए ऑपरेशन की जरूरत पड़ सकती है। वहीं, पारंपरिक चिकित्सा विशेषज्ञ मानते हैं कि कुछ घरेलू और प्राकृतिक उपाय पथरी के दर्द को कम करने और उसे बाहर निकालने में सहायक हो सकते हैं।
अधिक पानी पीना सबसे असरदार उपाय
विशेषज्ञ बताते हैं कि किडनी की पथरी से राहत पाने का पहला और सबसे आसान तरीका है—अधिक पानी पीना। रोजाना कम से कम 8–10 गिलास पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और मूत्र अधिक बनता है, जिससे पथरी टूटकर आसानी से बाहर निकलने में मदद मिलती है।
नींबू का रस देता है प्राकृतिक राहत
नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड पथरी को छोटे भागों में तोड़ने में सहायक माना जाता है।
- रोजाना गुनगुने पानी में नींबू का रस मिलाकर पीने से
- या चाय में नींबू डालकर सेवन करने से
पथरी के बनने की प्रक्रिया धीमी होती है और पुरानी पथरी को भी तोड़ने में मदद मिलती है।
गहत (कुल्थी) की दाल का पानी भी फायदेमंद
उत्तराखंड में प्रचलित गहत या कुल्थी दाल का उपयोग पथरी के लिए पारंपरिक उपचारों में किया जाता है। गहत की दाल को उबालकर उसका पानी पीने से पथरी को काटने में मदद मिलती है, ऐसा माना जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को मजबूती देते हैं और पथरी बढ़ने की संभावना को कम कर सकते हैं।
एप्पल साइडर विनेगर भी माना जाता है उपयोगी
सेब के सिरके में पाया जाने वाला एसिटिक एसिड पथरी को तोड़ने में सहायक माना जाता है।
इसे सेवन करने का तरीका—
- 1–2 चम्मच एप्पल साइडर विनेगर
- एक गिलास पानी में मिलाकर
- दिन में एक या दो बार पीना
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह उपाय पथरी को धीरे-धीरे तोड़कर शरीर से बाहर निकलने में मदद कर सकता है।
ये सभी उपाय घरेलू और पारंपरिक ज्ञान पर आधारित हैं। यदि पथरी का दर्द ज्यादा बढ़ रहा हो, लगातार उलझन, बुखार, खून वाला पेशाब या तीव्र लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।













