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भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी भारत के एक महान नेता,उनकी जीवन यात्रा प्रेरणादायक है, आइए उनकी जीवनी को समझें  

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पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी 100वीं जन्म-जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने सशक्त, समृद्ध और स्वावलंबी भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनका विजन और मिशन विकसित भारत के संकल्प में निरंतर शक्ति का संचार करता रहेगा।

अटल बिहारी वाजपेयी जी भारत के एक महान नेता, कवि और प्रखर वक्ता थे। वे भारतीय जनता पार्टी के संस्थापकों में से एक और भारत के दसवें प्रधानमंत्री थे। उनकी जीवन यात्रा प्रेरणादायक है। आइए उनकी जीवनी को समझें

1. प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

जन्म: 25 दिसंबर 1924, ग्वालियर, मध्य प्रदेश। माता-पिता: कृष्णा देवी और पंडित कृष्ण बिहारी वाजपेयी। शिक्षा: उन्होंने विक्टोरिया कॉलेज (अब लक्ष्मीबाई कॉलेज) से स्नातक और कानपुर के डीएवी कॉलेज से राजनीति विज्ञान में एम.ए. किया।

2. आरएसएस और राजनीतिक जीवन की शुरुआत

अटल वाजपेयी ने 1939 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े। 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लिया और कुछ समय जेल में रहे। वे 1951 में भारतीय जनसंघ के सदस्य बने और 1957 में पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए।

3. भारतीय जनता पार्टी (BJP) की स्थापना

,1980 में उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी और अन्य नेताओं के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की स्थापना की। वे भाजपा के पहले अध्यक्ष बने और पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती प्रदान की।

4. प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल का पहला कार्यकाल:

1996 में 13 दिनों के लिए प्रधानमंत्री बने। दूसरा कार्यकाल: 1998-1999 (13 महीने)। तीसरा कार्यकाल: 1999-2004 तक, जब उन्होंने पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। उनके नेतृत्व में भारत ने 1998 में पोखरण परमाणु परीक्षण किया।

5. नीतियां और उपलब्धियां

स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना (राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार)। आर्थिक सुधार और निजीकरण की नीति। कारगिल युद्ध (1999) में साहसिक नेतृत्व। भारत-पाकिस्तान संबंध सुधारने के लिए “बस यात्रा” और शांति प्रयास।

6. कवि और लेखक के रूप में योगदान

अटल जी एक प्रतिभाशाली कवि थे। उनकी कविताएं प्रेरणादायक और जीवन के विविध पहलुओं को उजागर करती हैं।
प्रसिद्ध कविता: “हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा।”

7. सम्मान और पुरस्कार

2015 में भारत रत्न से सम्मानित। उनके जन्मदिन (25 दिसंबर) को “सुशासन दिवस” के रूप में मनाया जाता है।

8. निधन

16 अगस्त 2018 को दिल्ली में उनका निधन हुआ।

वे भारतीय राजनीति के एक युग का अंत थे। अटल जी का जीवन देशभक्ति, साहित्य, और सेवा का अनुपम उदाहरण है। उनकी विरासत आज भी भारतीय राजनीति और समाज को प्रेरित करती है।