
उत्तराखंड की पर्यटन राजधानी नैनीताल घूमने की योजना बना रहे पर्यटकों के लिए अहम खबर है। नगर पालिका ने बाहरी जिलों और राज्यों से आने वाले दोपहिया वाहनों (बाइक और स्कूटी) पर ₹100 प्रवेश शुल्क लागू किया था, लेकिन फैसले का स्थानीय लोगों, पर्यटकों और जनप्रतिनिधियों ने विरोध किया। विरोध के बाद फिलहाल इस शुल्क की वसूली पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।
नई व्यवस्था के तहत नैनीताल जिले (UK-04) में पंजीकृत दोपहिया वाहन शुल्क से मुक्त रखे गए थे, जबकि अन्य जिलों और राज्यों से आने वाले दोपहिया वाहनों से ₹100 प्रति प्रवेश शुल्क लिया जाना था। नगर पालिका का कहना था कि यह व्यवस्था शहर में बढ़ते यातायात के दबाव और राजस्व प्रबंधन को ध्यान में रखकर लागू की गई थी।
हालांकि, शुल्क लागू होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। स्थानीय व्यापारियों, पर्यटकों और सभासदों ने इसे पहले से लागू पार्किंग शुल्क और ग्रीन टैक्स के अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया। बढ़ते विरोध को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष ने फिलहाल दोपहिया वाहनों से प्रवेश शुल्क की वसूली रोकने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले पर विस्तृत समीक्षा के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
नगर पालिका के अनुसार, यदि भविष्य में यह व्यवस्था दोबारा लागू की जाती है तो इसके नियमों और दायरे को स्पष्ट किया जाएगा। फिलहाल नैनीताल आने वाले दोपहिया वाहन चालकों से ₹100 प्रवेश शुल्क नहीं लिया जा रहा है।












