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Saturday, June 27, 2026
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राम मंदिर CCTV निगरानी पर उठे सवाल, वायरलेस अधिकारी अर्जुन देव की भूमिका जांच के दायरे में

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अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे में कथित गबन के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में मंदिर परिसर की सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट में पुलिस के वायरलेस विभाग के अधिकारी अर्जुन देव की भूमिका की भी जांच की सिफारिश की गई है।

SIT के अनुसार, जिस कक्ष में दानपात्रों से निकाली गई नकदी की गिनती की जाती थी, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जिम्मेदारी अर्जुन देव के पास थी। ऐसे में जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि निगरानी व्यवस्था में कहीं कोई लापरवाही या अनियमितता तो नहीं हुई।

ट्रस्ट के कामों में अधिक सक्रिय रहने का आरोप

जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि अर्जुन देव अपने आधिकारिक दायित्वों के अलावा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की विभिन्न गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते थे। वीवीआईपी दर्शन व्यवस्था से लेकर अन्य व्यवस्थाओं में उनकी भागीदारी पर भी सवाल उठाए गए हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित चूक के कारणों की पड़ताल के लिए इन पहलुओं की भी जांच आवश्यक है।

17 वर्षों से अयोध्या में तैनाती पर सवाल

SIT रिपोर्ट के अनुसार अर्जुन देव वर्ष 2009 से लगातार अयोध्या में तैनात हैं। इस दौरान कई बार उनके तबादले के आदेश जारी हुए, लेकिन वे लागू नहीं हो सके। हाल ही में जारी स्थानांतरण आदेश भी निरस्त होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगा रही हैं कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती के पीछे क्या कारण रहे।

ट्रस्ट पदाधिकारियों से करीबी संबंधों की भी जांच

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अर्जुन देव के ट्रस्ट के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों से करीबी संबंध होने की बात जांच के दौरान सामने आई है। SIT यह भी जांच कर रही है कि क्या इन संबंधों का सुरक्षा व्यवस्था या प्रशासनिक फैसलों पर कोई प्रभाव पड़ा।

फिलहाल SIT अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ के साथ दस्तावेजों एवं सीसीटीवी रिकॉर्ड की भी समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अब तक इस मामले में किसी भी नए आरोपी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।