कारगिल विजय दिवस : जब धोखेबाज पाकिस्तान को देश के वीरों ने दिया जवाब

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26 जुलाई 1999 ये तारीख जब भी याद आती है, याद आता है देश के वीरों का जज्बा, याद आता है धोखेबाज पाकिस्तान का चेहरा और उन माओं का चेहरा जिन्होंने अपने सुपुत्रों को भारत मां की रक्षा और देश के मान के लिए कुर्बान कर दिया।

बात 8 मई सन् 1999 की है जब पहली बार पाकिस्तानी सैनिकों को कारगिल की चोटी पर देखा गया। हालात गंभीर थे और हो भी क्यों ना पाकिस्तानी सेना करीब 10 किमी अंदर तक सीमा में प्रवेश कर चुकी थी। 32 हजार फीट की ऊंचाई पर बैठे पाकिस्तानी फौजी गोलियों की बरसात कर रहे थे और हमारी वीरों को ये लड़ाई नीचे घाटियों से लड़नी थी।

युद्ध हुआ, दोनों तरफ से बमबारी हुई पर जब देश की मिट्टी और भारत मां के मान की बात आती हैं तो हमारे सैनिकों का हौसला और जज्बा 10 गुना तक बढ़ जाता है और ऐसा ही कारगिल युद्ध के दौरान हुआ। हमारे जवान नीचे घाटियों से दुश्मन को ईंट का जवाब पत्थर से देते ऊपर पहुंचे और पाकिस्तानियों को उनके मुल्क वापस जाने पर मजबूर कर दिया और कुछ यूं 16 जुलाई को खत्म हुआ कारगिल युद्ध या कहें “ऑपरेशन विजय” सफल हुआ । इसकी अधिकारिक घोषणा 26 जुलाई को की गई। ये तारीख इतिहास के पन्नों में दर्ज है। इस युद्ध में करीब 525 से अधिक सैनिक शहीद हो गए और हजारों सैनिक घायल हुए थे और आज इन्हीं वीरों पर गर्व करने और इनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है। India Gram News कारगिल युद्ध में शहीद हुए सभी वीरों को श्रद्धांजलि देता है।

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