ऐसे सातवीं बार एशिया का चैम्पियन बना भारत

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एशिया का फाइनल मुकाबला एक ड्रीम फाइनल की तरह खेला गया। भारत और बांग्लादेश के बीच रोंमाच से भरपूर इस मैच का नतीजा आखिरी गेंद पर जाकर निकला। भारत पाकिस्तान को हराकर फाइनल में पहुंची बांग्लादेशी टीम को 3 विकेट से मात देकर एशिया का चैम्पियन बन गया।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश की टीम ने 50 ओवर में 223 रनों का टारगेट भारत के सामने रखा। इस लक्ष्य को भारतीय टीम ने 7 विकेट खोकर मैच की आखिरी बॉल पर हासिल कर लिया।

कुलदीप, केदार और चहल की स्पिन तिकड़ी के आगे बांग्लादेशी बल्लेबाजों की एक न चली और एक करके सब निपटते गए. 223 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरूआत भी अच्छी नहीं रही. शानदार फॉर्म में चल रहे शिखर धवन के रूप में भारतीय टीम को पहला झटका लगा.

बांग्लादेश की तरफ से ओपनर बल्लेबाज लिटन दास ने 12 चौक्के और 2 छक्कों की मदद से 117 गेंदों पर शानदार 121 रनों की पारी खेली। बांग्लादेश का पहला विकेट 120 रनों पर गिरा, बस यहीं से पारी लड़खड़ा गयी । भारत की तरफ से कुलदीप यादव ने 3 और केदार जाधव ने 2 विकेट अपने नाम किए।

223 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के भी निरंतर अंतराल पर विकेट गिरते रहे। महेन्द्र सिंह धोनी और दिनेश कार्तिक के बीच एक अच्छी साझेदारी हुई लेकिन इन दोनों के पवेलियन जाते ही मैच फंसता नजर आने लगा। रविन्द्र जडेजा और भुवनेश्वर कुमार की महत्वपूर्ण पारियों की बदौलत भारत को अन्तिम ओवर में 6 रनों की जरुरत थी।

बांग्लादेश के कप्तान मुर्शेफे मुर्तजा ने स्पिनर महमूदुल्लाह को गेंद सौंपी। पहली गेंद पर कुलदीप ने एक रन लेकर स्ट्राइक केदार जाधव को दी। दूसरी गेंद पर केदार ने एक रन लिया, अब चाहिए थे 4 गेंद में 4 रन।

तीसरी गेंद पर कुलदीप यादव ने दो रन लिए,अब इसके बाद 3 गेंद में 2 रन चाहिए थे.,चौथी गेंद पर कोई भी रन नहीं बना और इस तरह टीम इंडिया को जीत के लिए 2 गेंद में 2 बनाने थे. कुलदीप ने 5वीं गेंद पर रन लेकर स्ट्राइक केदार को दी।

आखिरी गेंद पर केदार ने रन लेकर भारतीय टीम को रोमांचक जीत दिलाई. हालांकि, ये रन केदार जाधव के बल्ले से नहीं निकला, बल्कि गेंद उनके पैड से लगकर लैग साइड में गई और उन्होंने तेजी से दौड़ते हुए एक रन पूरा किया। इस तरह टीम इंडिया ने सातवीं बार एशिया कप पर कब्जा कर लिया।